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तुम्हारी यादें

Ankit Upadhyay

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज फिर तुम्हारी याद आ गई.
        
                                                    
                            
जब चार लोगो में
मोहब्बत की बात आ गई;
याद आ गई तेरी वो बातें
और तेरा वो पागलपन
ना जाऊंगी छोड़ कर
वो तेरा भोलापन


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