विज्ञापन

उठो,जागो,तुम वीरांगना रानी हो

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उठो,जागो,तुम वीरांगना रानी हो
        
                                                    
                            
तुम तो हिंदुस्तानी हो
तुम हिंदुस्तान की कहानी हो
तुम हमारे हिंद की ललकार हो
तुम हमारे हिंद की हुंकार हो
उठो,जागो बेटियों तुम स्वीकार हो
तुम ललकार हो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anil Pandey

461 कविताएं

View Profile

Ankit Kumar

10782 कविताएं

View Profile