उठो,जागो,तुम वीरांगना रानी हो
तुम तो हिंदुस्तानी हो
तुम हिंदुस्तान की कहानी हो
तुम हमारे हिंद की ललकार हो
तुम हमारे हिंद की हुंकार हो
उठो,जागो बेटियों तुम स्वीकार हो
तुम ललकार हो।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
- हम उम्मीद करते हैं कि यह पाठक की स्वरचित रचना है। अपनी रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X