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स्वदेश प्यार की पवन

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बह रही स्वदेश प्यार की पावन पवन
        
                                                    
                            
स्वदेश प्यार से भरा है वन उपवन
स्वदेश प्यार से भरा है नील गगन
बह रही साहस व वीरता की पवन
स्वदेश प्यार के गौरव गान गा रहे जन जन
स्वदेश प्यार के गीत गा रहे नदी,रेत,निर्जन
स्वदेश प्यार में मगन हैं मेरा मन।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
एक घंटा पहले
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