ईश्वर की सबसे सर्वोत्तम रचना है इंसान
तो भी स्वार्थ अहंकार में बन बैठा है हैवान
इंसान चाहे तो बन सकता है भगवान
इंसान चाहे तो छू सकता है आसमान।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'