जो शेर से लड़ जाता है
हक़ पर अड़ जाता है
हर जंग जीत जाता है
वही हार जाता है
बंकिम नयनों के वाण से
और मधुर मुस्कान से।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'