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कहां आ गए?

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहां आ गए?
        
                                                    
                            
चक्कर खा गए
चलो, यहां से गांव की ओर
चलो वन, उपवन की ओर
यहां धुआं धुआं है
यहां मौत का कुंआ है
शहर का जीवन,
है मरण का जीवन।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
3 घंटे पहले
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