विज्ञापन

जब आता अहंकार

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब सर पर चढ़ कर बोलता है अहंकार
        
                                                    
                            
तो समझो खुल गया पतन का द्वार
लगता है सारा संसार बेकार
लगता है घंमडी सारा संसार
जब आता अहंकार
लुट जाता घर द्वार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile