जब सर पर चढ़ कर बोलता है अहंकार
तो समझो खुल गया पतन का द्वार
लगता है सारा संसार बेकार
लगता है घंमडी सारा संसार
जब आता अहंकार
लुट जाता घर द्वार।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
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