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गया ज्ञान की नगरी

Ankit Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            यह धरती जहां बुद्ध तप किए
        
                                                    
                            
यह धरती जहां से वे ज्ञान लिए
लेकर ज्ञान यहीं से जग को दिए
है धरती यही जहां गयासुर ने तप किया
करके तप उसने विष्णु को खुश किया
उसके दर्शन से मिले मोक्ष ऐसा वर मिला
विष्णु रखे उसके पीठ पर धर्मशिला
जहां मां सीता ने पिंडदान किया
राजा धर्मपाल ने किया
बोधगया का विकास
है जो आज बौद्ध की आस
विष्णु पद मंदिर है जहां
अहिल्याबाई आई जहां
राम,लक्ष्मण संग सीता आई जहां
है जैन,हिंदू,बौद्ध का संगम जहां
है यह पावन नगरी
फल्गु के कगरी
जिसे जाने दुनिया सगरी
आओ देखो ज्ञान की नगरी
आओ देखो प्यार की गगरी।
- सत्येन्द्र कुमार सिंह 'सहज'
4 घंटे पहले
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