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भाईचारा

Anju Kanwar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सिखाया पाठ जो, शहादत का हम सबको
        
                                                    
                            
कारगिल पर बिखरे लहू को दिखाया सबको,   
पग पग पर फैले फूलों जैसे बारूदों से
कुर्बानी देकर आजाद करवाया हमको ||

 धागे से बंधी, एक डोरी हम देशवासी,
 रंग अनेक, रूप अनेक होते हम वासी,
 काटो तो खून एक हमारा,हर मुश्किल,
 का सामना डट के करते हम देशवासी।।

हिन्दू, मुस्लिम,सीख,ईसाई,
एकजुटता भाईचारे का प्रतीक ये
तोड़े ना कोई इस धागे को
भाईचारा देश की शान है।।

माना, कुछ है कमी हम में, बलात्कारी, भ्रष्टाचारी,
ना जाने कितने रूप छिपे हममें,     
दिन ऐसा आएगा स्वच्छ और आजाद भारत, 
काली परछाई और कॉरोना को मार गिराएगा।।

आयेगा आयेगा एक दिन ऐसा आयेगा
आत्म निर्भर बन कर भारत 
सच्ची भक्ति निभाएगा 
बहे खून कुर्बानी के उनका कर्ज उतारेगा
देर सही भली देर एक दिन फिर
सोनचिरैया कह लाएगा।।

-  अंजू कंवर 
                
जयपुर (राजस्थान)

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6 वर्ष पहले
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