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आज हिंदी दिवस है

Anita Srinivasan Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आज हिंदी दिवस है,
        
                                                    
                            
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई,
इधर मुझे मुंशी प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त
और सुमित्रानंदन पंत की याद आई;

थोड़ी ब्रज भाषा, थोड़ी खड़ी बोली,
थोड़ी बुंदेली की सुगंध आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

कुछ हरियाणवी, कुछ मारवाड़ी,
कुछ गढ़वाली और कुमाऊनी की लहर सी आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

ज़रा अवधी, ज़रा मागधी,
ज़रा मैथिली और भोजपुरी की महक सी आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

घाघरा और चोली, माथे पे बिंदी,
कुछ पायल और चूड़ी की खनक सी आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

गुजिया और मठरी, समोसे , कचौड़ी,
हलवा और पूरी की खुशबू सी आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

लौकी की बर्फी, बेसन के लड्डू,
गरमा गरम जलेबी मुँह में पानी लाई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

संत कबीर के दोहे, संत तुलसी के रामचरितमानस
और संत मीराबाई के भजन की ध्वनि सी आई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

बनारस की घाटी, हरिद्वार, ऋषिकेश ,
गंगा में होती हर पाप की धुलाई,
आज हिंदी दिवस है,
दे रहें हैं लोग अंग्रेज़ी में बधाई;

आज हिंदी दिवस है,
क्यूँ न हम दें हिंदी में बधाई,
आद हिंदी दिवस है, सभी देशवासियों को
बहुत बधाई हो बधाई।

- अनीता स्रीनिवासन कुमार
 
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