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नीति के दोहे

AL Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            विश्वास होय कर्म में , साहस मन में होय।
        
                                                    
                            
ताहि सफलता जानिये, योजना राखि गोय।।

धीरे धीरे काम करूं ,धीरे सब कुछ होय।
धीरे धीरे कोयला , इक दिन हीरा होय।।

- अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर, कानपुर।

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5 वर्ष पहले
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