कवि
कवि की कविता जानिये , कलम बंधी न होय।
निष्पक्ष उसकी लेखनी , राष्ट्र हित में होय।।
साधु
खाते खाद्य अखाद्य , करते पापाचार।
त्यागहु ऐसे साधु को , मती करियो सत्कार।।
रिपोर्टर
रिपोर्टिंग महा दुष्कर , सबके बस की नाहि।
जनहित जिसका लक्ष्य नहि , वह रिपोर्टर नाहि।।
--अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर , कानपुर।
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