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आया हूं बाबा तेरे दर पे

Akhilesh Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उठते-गिरते चलते-फिरते, आया हूं बाबा तेरे दर पे
        
                                                    
                            

उठते गिरते चलते फिरते, आया हूं मैं तेरे दर पे,
अब ना जाऊंगा मैं खाली, जाऊँगा मैं झोली भर के।
उठते गिरते चलते फिरते----

तू है मांझी तू है सहारा, तू सागर है तु ही किनारा,
और कहीं फिर मैं क्यों जाऊं मेरा तो है मतलब तुमसे,
उठते गिरते चलते फिरते, आया हूं मैं तेरे दर पे।

महफ़िल-महफ़िल घूम के देखा,आसमान को चूम के देखा,
कहीं सुकूँ ना आया दिल को, मैंने देखा है सब करके,
उठते गिरते चलते फिरते आया हूं मै तेरे दर पे।

भक्ति भाव को तू पहचानें, सबके मन की बातें जानों,
चतुराई ना चले किसी की, कोई बचे ना तेरी नजर से,
उठते गिरते चलते फिरते----

अपनी तो है यही कहानी, रमता जोगी बहता पानी,
तेरी शरण में आया हूं बाबा, निकला हूं मैं अपने घर से।
उठते-गिरते चलत- फिरते आया हूं मै तेरे दर पे,
अब ना जाऊंगा मैं खाली, जाऊँगा मैं झोली भर के।
उठते गिरते चलते फिरते----

 
एक महीने पहले
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