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तेरे प्यार की खुशबू से,

Akash Tripathi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तेरे प्यार की खुशबू से,
        
                                                    
                            
महकी ये सारी फिज़ाएँ हैं।
तेरे जुल्फ़ों की छू छूकर,
पागल सी हुई हवाएँ हैं।

तेरे आँखों की काजल से,
बादल में हुआ अंधेरा है।
भीगी बालों के छाँव से,
बारिश का रूप घनेरा है।

तेरी कमरिन क़मर कमीनी,
जब इधर-उधर बलखाती हैं।
नभ में जैसे बिजली चमके,
मेघों से तीर चलाती हैं।

तेरी अदा की कायल दुनियॉं,
रही क़यामत गवाही है।
बड़े बूढ़े युवां भी कहते,
वाह! क्या अदाएं तेरी हैं।
- आकाश त्रिपाठी
10 महीने पहले
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