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अक्टूबर की ठंडी शाम

Ajit kumar maurya

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अक्टूबर की ठंडी शाम में
        
                                                    
                            
जब तुम मेरा हाथ थामती हो,
तो लगता है जैसे मौसम नहीं, तुम मुझे छू रही हो।
तुम्हारे कंधे पर सिर रखकर
कुछ देर चुप रहना ..मेरे लिए यही
सबसे खूबसूरत बातचीत है।
तुम्हारी आँखों में अपना नाम
देखना अच्छा लगता है,
और तुम्हारे पास रहकर
दुनिया से थोड़ा दूर हो जाना।

काश ये अक्टूबर यहीं ठहर जाए—
एक तुम, एक मैं,
और हमारे बीच बेहद गहरी मोहब्बत। 
3 घंटे पहले
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