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एक ऊँची उड़ान

Aditi Bajaj

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कहाँ इस ज़मीन में रहने को बेकरार हो रही हो तुम,
        
                                                    
                            
इस छोटे से हिस्स के लिए लड़ रही हो
जरा आंखें तो खोलके देखो
पूरा आसमां नपना बाकी है अभी
उन सितारों तक पहुंचना बाकी है अभी
खुद की बेपनाह शक्ति को जानना बाकी है अभी
हवाओं का रुख बदलना बाकी है अभी
अपनी रूह की गहराई को जानना बाकी है अभी
अपना होके अपने अंदर उतर जाना बाकी है अभी...
2 वर्ष पहले
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