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माँ का आईना

Adil Hussain

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बचपन के अल्हड़ पन से मेरे बहुत परेशान थी, माँ
        
                                                    
                            
हर रोज़ समझाती थी, मेरी माँ
जीवन की कटिहनाइयों से मुझे बचाती थी माँ
उनका समझाना मुझे चुभ सा जाता था
ज़माना बुरा है, कहती थी मुझसे माँ
अपनी प्यार भरी आँखों से हर बार दुनिया का आईना दिखाती थी माँ
सही गलत से मेरा परिचय करवाती थी माँ
माँ तुम नहीं हो अब समझ आया है,
क्यूँ तुम हर रोज़ मुझे आईना दिखाती थी!!

सदफ, हरदोई, उत्तर प्रदेश!
3 वर्ष पहले
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