विज्ञापन

धागे का प्रेम था

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दिल की बातें करते हैं,
        
                                                    
                            
मैंने सोचा नहीं था,
शायद लगता है मदहोश हो जाएँगे—

कभी किसी की याद में,
इतना पागल हो जाएँगे,
हमें,
लगता है,
हम अपने आप को कभी भूल नहीं पाएँगे कभी...!

मेहमान की याद में,
याद ही तिनका थी—
आप हमें याद ज़रूर करोगे—
कभी ख्यालों में,
साथ हमें याद आएँगे—

रात के अँधेरे में,
रोशनी के उजाले में।

उज्जवल की तरह दिल को,
अत्यधिक शंका के लिएसहारा सिर्फ है।

और हम,
अपने साथ,
आपको भूल न पाएँगेपैगाम ,
यह लिखे कितने भी साथ हों।

हम एक नाम हैं,
धागे का प्रेम था।
4 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Anurag vishwkarma (aiyaar)

8 कविताएं

View Profile

Priya Mehra

1 कविता

View Profile