दिल की बातें करते हैं,
मैंने सोचा नहीं था,
शायद लगता है मदहोश हो जाएँगे—
कभी किसी की याद में,
इतना पागल हो जाएँगे,
हमें,
लगता है,
हम अपने आप को कभी भूल नहीं पाएँगे कभी...!
मेहमान की याद में,
याद ही तिनका थी—
आप हमें याद ज़रूर करोगे—
कभी ख्यालों में,
साथ हमें याद आएँगे—
रात के अँधेरे में,
रोशनी के उजाले में।
उज्जवल की तरह दिल को,
अत्यधिक शंका के लिएसहारा सिर्फ है।
और हम,
अपने साथ,
आपको भूल न पाएँगेपैगाम ,
यह लिखे कितने भी साथ हों।
हम एक नाम हैं,
धागे का प्रेम था।
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