विज्ञापन

एक प्यारी झलक मिल जाती।

Abhishek Gupta

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            हौसलों को मिला ना कोई,
        
                                                    
                            
आज संदेश तुम्हारा,
न जाने किस चाँद के पीछे,
खो गया वो यार हमारा।

काले बादलों की ओट में,
जब चमकते हैं ये चाँद-तारे,
मिलकर गगन को पैगाम देते,
अम्बर के ये नज़ारे प्यारे।

तुम जो दूर जाते प्रियतम,
कोई एक संदेश तो दे जाते,
जाने से पहले अपना,
कोई मधुर पैगाम दे जाते।

रूठ गए तुम हमसे ऐसे,
जैसे हमसे कोई खता हुई,
इस सूनी राहों की गली में,
न जाने क्या भूल हुई।

बदलते मौसम की तरह,
तुम्हारा यूँ इतराना ठीक नहीं,
इन आँखों को तरसा कर,
चुपचाप चले जाना ठीक नहीं।

मैं क्या समझूँ तेरी इस खामोशी को,
बस एक इशारा दे जाते,
जाने से पहले अपना,
कोई मधुर पैगाम दे जाते।

चाह रही मैं तन्हा रहकर,
कुछ अधूरी बातें समझना,
मन के सुंदर भावों से,
कल्पना का एक गीत बुनना।

सामने आकर देखो मेरे,
यादों का कैसा घमासान मेला है,
स्वभाव से उन्मुक्त पंछी हूँ मैं,
पर आज पिंजरा अकेला है।

सोचती हूँ यह बंधन तोड़कर,
नीले अम्बर में उड़ जाऊँ,
चाँद के सुंदर श्रृंगार का,
एक चमकता सितारा बन जाऊँ।

पर नहीं बनना मुझे,
किसी और के श्रृंगार का गहना,
मुझे तो बस तुम्हारी यादों की,
छाँव में ही है रहना।

इन घनघोर काली घटाओं में,
मैं भी कहीं खो जाती,
जो तुम आते और तुम्हारी,
एक प्यारी झलक मिल जाती।

इन बरसते बादलों के बीच से,
कोई एक संदेश तो दे जाते,
जाते-जाते अपना,
कोई मधुर पैगाम दे जाते।
5 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ankit Kumar

10736 कविताएं

View Profile