'सिंह सा गर्जन,हृदय मे कोमल भाव रखते थे,
वल्लभभाई पटेल जी से तो सारे दुश्मन डरते थे
बारदौली सत्याग्रह का सफल नेतृत्व आपने किया
'सरदार' की उपाधि जनता ने तो आपको दिया।
एकता को वास्तविक स्वरूप भी आपने दे डाला
रियासतों का एकीकरण भी पल भर मे कर डाला
प्रयास से आपने सारी समस्याओं को हल कर दिया
सभी ने आपको भारत का 'लौह पुरुष' कह दिया
देश का मानचित्र विश्व पटल पर बदल कर रख दिया
लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने कमाल कर दिया
31अक्टूबर को हम सब भारतवासी 'राष्ट्रीय एकता दिवस' मनाते है
आपकी याद मे हम 'स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी' पर श्रद्धा सुमन चढ़ाते है।'
रचनाकार:-
अभिषेक शुक्ला 'सीतापुर'
- हमें विश्वास है कि हमारे पाठक स्वरचित रचनाएं ही इस कॉलम के तहत प्रकाशित होने के लिए भेजते हैं। हमारे इस सम्मानित पाठक का भी दावा है कि यह रचना स्वरचित है।
आपकी रचनात्मकता को अमर उजाला काव्य देगा नया मुक़ाम, रचना भेजने के लिए यहां क्लिक करें