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शायरों की क़ैफ़ियत बताते 20 शेर

दीपाली अग्रवाल

Kavya Charcha
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रात आंखों में गुज़र जाती है
इन दिनों है ये हमारा सोना
- निज़ाम रामपुरी


इक अजब सी कैफ़ियत है इन दिनों
न ख़ुशी है और न कोई मलाल
- रुख़्सार नाज़िमाबादी

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कहा चाहे है कुछ कहता है कुछ और
'हसन' ध्यान इन दिनों तेरा किधर है
- मीर हसन


इन दिनों उस के सामने दिल की
जी-हुज़ूरी ही जी-हुज़ूरी है
- ज़ीशान साहिल

यानी कि मैं ख़ुदा से बहुत दूर हो गया
उठते नहीं दुआ को मिरे हाथ इन दिनों
- क़मर अब्बास क़मर


ज़ेहन उभार देता है नक़्श हाल ओ माज़ी के
इन दिनों तबीअत कुछ यूं बहलती रहती है
- एजाज़ सिद्दीक़ी

ग़म का हर आलम नया है इन दिनों
दिल की हर दुनिया नई है आज-कल
- शकील बदायूंनी


हर कड़े वक़्त से सहल गुज़रे मगर
इन दिनों दिल परेशां हमारा भी है
- महशर बदायूंनी

क्यूं इन दिनों 'हसन' तू इतना झटक गया है
ज़ालिम कहीं तिरा दिल क्या फिर अटक गया है
- मीर हसन


क्या बताऊं कि जो हंगामा बपा है मुझ में
इन दिनों कोई बहुत सख़्त ख़फ़ा है मुझ में
- इरफ़ान सत्तार

6 वर्ष पहले
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