नवरात्र का समय है और पूरे देश भर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, इस भक्तिमय वातावरण में प्रस्तुत हैं आपके सामने देवी माँ की भक्ति से सराबोर यह कुछ भजन
सदा भवानी दाहिनी
सन्मुख रहे गणेश
पांच देव रक्षा करे
भ्रमा विष्णु महेश
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
सोने के लोटा गंगाजल पानी, माई दोई बिरियाँ
अतर चढ़े दो दो शीशियाँ, माई दोई बिरियाँ
माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
लाये लदन वन से फुलवा, माई दोई बिरियाँ
हार बनाये चुन चुन कलियाँ
माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
पान सोपारी ध्वजा नारियल, माई दोई बिरियाँ
धुप कपूर चढ़े चुनिया, माई दोई बिरियाँ
माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
लाल वरन सिंगार करे, माई दोई बिरियाँ
मेवा खीर सजी थरिया
माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
पांच भगत मिल जस तोरे गावे, माई दोई बिरियाँ
गुप्तेशवर की पीर हरो, माई दोई बिरियाँ
काटो बिपत की भई झरिया
माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
करे भगत हो आरती, माई दोई बिरियाँ
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा |
दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ||
शेरां वाली, जोतां वाली, मेहरां वाली माँ |
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ||
प्रेम से बोलो, जय माता दी |
सारे बोलो, जय माता दी |
मिल के बोलो, जय माता दी |
फिर से बोलो, जय माता दी |
मैंने मन से तेरी पूजा की है सांझ सवेरे |
मुझ को दर्शन दे के मैया, भाग जगा दे मेरे |
मैया मैया बोले मेरा मन एक तारा माँ ||
तूने ही पाला है मुझको, तू ही मुझे संभाले |
तूने ही मेरे जीवन मे, पल पल किये उजाले |
चरणों मे तेरे मैंने, तन मन वारा माँ ||
मान ले मेरी विनती मैया, एक झलक दिखला दे |
रूप की शीतल किरणों से नयनो के द्वार सजा दे |
नैनो को रूप तेरा लगता है प्यारा माँ ||
जय माता दी, जय माता दी |
कष्ट निवारे, शेरों वाली |
पार लगादे, शेरों वाली |
है दुःख हरनी, शेरों वाली |
बिगड़ी बना दे, शेरों वाली |
प्रेम से बोलो, जय माता दी |
सारे बोलो, जय माता दी |
जोर से बोलो, जय माता दी |
मेरी आखिओं के सामने ही रहना,
माँ शेरों वाली जगदम्बे ।
हम तो चाकर मैया तेरे दरबार के,
भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के ॥
विनती हमारी भी अब करो मंज़ूर माँ,
चरणों से हमको कभी करना ना दूर माँ ॥
मुझे जान के अपना बालक सब भूल तू मेरी भुला देना,
शेरों वाली जगदम्बे आँचल में मुझे छिपा लेना ॥
तुम हो शिव जी की शक्ति मैया शेरों वाली ।
तुम हो दुर्गा हो अम्बे मैया तुम हो काली ॥
बन के अमृत की धार सदा बहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥
तेरे बालक को कभी माँ सबर आए,
जहाँ देखूं माँ तू ही तू नज़र आये ।
मुझे इसके सीवे कुछ ना कहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥
देदो शर्मा को भक्ति का दान मैया जी,
लक्खा गाता रहे तेरा गुणगान मैया जी ।
है भजन तेरा भक्तो का गहना,
ओ शेरों वाली जगदम्बे ॥
दरबार तेरा दरबारों में इक खास एह्मियत रखता है
उसको वैसा मिल जाता है जो जैसी नीयत रखता है
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
बड़ा न्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भगतो की लगी है कतार भवानी
ऊँचे पर्वत भवन निराला, आके सीस नवावे संसार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
जग मग जग मग जोत जगे है, तेरे चरणों में गंगा की धार भवानी
तेरे चरणों में गंगा के धार भवानी, तेरे भक्तों की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
लाल चुनरिया लाल लाल चूड़ा, गले लाल फुलोंके सोये हार भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
सावन महीना मैया झूला झूले, देखो रूप कंजको का धार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
पल में भरती झोली खाली, तेरे खुल्ले दया के भंडार भवानी
तेरे भगतो की लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
लख्खा को है तेरा सहारा माँ, कर दे अपने 'सरल' का बेड़ा पर भवानी
बड़ा प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी
भक्तों की, तेरे भक्तों की, यहाँ भक्तों के लगी है कतार भवानी
प्यारा सजा है तेरे द्वार भवानी
डूब चलो दिन माय, सांझ भई मंदिर में।
काहे के मैया दियला बने हैं
काहे की डारी जोत। सांझ भई मंदिर में
सोने के मैया दियला बने हैं,
रूपे की डारी जोत। सांझ...
कौन सुहागन दियरा जारें,
कौना ने डारी जोत। सांझ...
सीता सुहागन दियरा जारे,
रामा ने डारी जोत। सांझ...
कहां बनी मैया तोरी मडुरिया,
कौना भयो रखवार, सांझ...
ऊंचे पहाड़ मैया बनी मडुरिया,
लंगुरा भये रखवार। सांझ...
सुमिर-सुमिर मैया तोरे जस गाऊं,
चरणन की बलिहार। सांझ.
7 वर्ष पहले