सोमा बुआ बुढ़िया है।
सोमा बुआ परित्यक्ता है।
सोमा बुआ अकेली है।
सोमा बुआ का जवान बेटा क्या जाता रहा, उनकी जवानी चली गयी। पति को पुत्र-वियोग का ऐसा सदमा लगा कि व पत्नी, घर-बार तजकर तीरथवासी हुए और परिवार में कोई ऐसा सदस्य...और पढ़ें
आज गांव ने शहर से ऐसा प्रश्न कर लिया जिसका ज़िक्र शहर के लिए इतिहास हो गया था। गांव ने पूछा- 'तुम्हारे यहां एक नदी रहा करती थी। उस नदी का घर कहां है?"
आधुनिक शहर ने तपाक से प्रश्न पर, आश्चर्यचकित प्रश्न कर दिया! 'वह पुराना नाला?'...और पढ़ें
नदी के पास एक कुँआ था। जिस कुँए से उसने दोस्ती कर ली। वर्षा ऋतु में तो दोनों की खूब निभी। दोनों के पास पर्याप्त रूप में जल-निधि थी। धीरे धीरे वर्षा ने अपना साम्राज्य समेटना आरम्भ कर, शरद-शिशिर को प्रकृति का दायित्व संभालने को दे दिया। प्रकृति तो खुश...और पढ़ें
बाढ़-पीड़ितों के लिए चंदा हो रहा था। कुछ जनसेवकों ने एक संगीत-समारोह का आयोजन किया, जिसमें धन एकत्र करने की योजना बनाई। वे पहुँचे एक बड़े सेठ साहब के पास। उनसे कहा, 'देश पर इस समय संकट आया है। लाखों भाई-बहन बेघर-बार हैं, उनके लिए अन्न-वस्त्र जुटा...और पढ़ें
उसे गाय नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि वह घास नहीं खाती। उसे देखकर नज़रों में एकाएक गाय का अक्स उभर जाता है। खूँटे से बँधी, उसे चरने के लिए बाहर जाने की इजाज़त नहीं है। खूँटे के सामने जो मिला, वही खाना है और जीवन पथ पर बिना खुरों के चलने पर मजबूर है।...और पढ़ें
पता नहीं कौन से समय की बात है कि उसके दो भाई थे। पहले का पुकार नाम बड़े था और दूसरे का - बहुत बड़े। दोनों अमीरजादे, ख्याली, शराबी और आलसी थे। इसलिए चिंतक भी। ये दोनों भाई शराब की ही नींद उठते थे। सुबह का कुल्ला बीयर से और निबटान आदि का काम सस्ती शराब...और पढ़ें
उसने अपने बिस्तरे का अंदाज लेने के लिए मात्र आध पल को बिजली जलाई। बिस्तरे फर्श पर बिछे हुए थे। उसकी स्त्री ने सोते-सोते ही बड़बड़ाया, 'आ गए' और बच्चे की तरफ करवट लेकर चुप हो गई। लेट जाने पर उसे एक बड़ी डकार आती मालूम पड़ी, लेकिन उसने डकार ली नहीं...और पढ़ें
पुराने जमाने की बात है। एक आदमी को अपराध में पकड़ा गया। उसे राजा के सामने पेश किया गया। उन दिनों चोरो को फाँसी की सजा दी जाती थी। अपराध सिद्ध हो जाने पर इस आदमी को भी फाँसी की सजा मिली। राजा ने कहा, 'फाँसी पर चढ़ने से पहले तुम्हारी कोई इच्छा हो त...और पढ़ें
एक- यार धरा अभी तक नहीं आई।
दो- बहुत भूख लग रही है यार
तीन- दो घंटे का बोलकर आई हूँ, पता पड़ा बिना खाए ही लौटना पड़ेगा।
चार- चिंकू को पड़ोसी के यहाँ छोड़कर आई थी कि फटाफट मिलेंगे और लौट आएँगे पर ये धरा लेट करवा रही है।...और पढ़ें
केतली में उबलती चाय, धातु के मग्गे और कड़कड़ाती सर्दी। ऐसे ही तो दोस्ती हुई थी हमारी। वह वीर सिंह और मैं बंसीलाल। वह पंजाब से तो मैं राजस्थान से। दोनों ही चाय व खाने के शौकीन। ड्यूटी पर साथ - साथ होना, फ़ुर्सत में हिंदी फ़िल्मों के गीत गुनगुनाना और...और पढ़ें