विज्ञापन

हैप्पी न्यू ईयर 2020: गुज़रो न बस क़रीब से ख़याल की तरह

रत्नेश मिश्र

Irshaad
विज्ञापन
                                    
                     
                                                  गुज़रो न बस क़रीब से ख़याल की तरह
आ जाओ जिंदगी में नए साल की तरह

कब तक तने रहोगे यूँ ही पेड़ की तरह
झुक कर गले मिलो कभी तो डाल की तरह
विज्ञापन

आंसू छलक पड़ें न फिर किसी की बात पर
लग जाओ मेरी आँख से रूमाल की तरह

ग़म ने निभाया जैसे आप भी निभाइए
मत साथ छोड़ जाओ अच्छे हाल की तरह

बैठो भी अब ज़हन में सीधी बात की तरह
उठते हो बार बार क्यों सवाल की तरह

अचरज करूँ "किरण" मैं जिसको देख उम्र-भर
हो जाओ जिंदगी में उस कमाल की तरह

~कविता किरण
6 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all