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भगत सिंह की याद में लाला दीनानाथ की कविता...

रत्नेश मिश्र

Irshaad
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                                                  वो रखते हैं दिल में गुमां कैसे- कैसे 
दिए हमने गो इंतिहा कैसे-कैसे 

भगत सिंह को देखकर चर्ख़ बोला 
दिखाए ज़मीं से जवां कैसे -कैसे 

कहा रूहे-मजनूं ने मस्ती में में आकर 
मुहब्बत के छोड़े निशां कैसे-कैसे 
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कहा महरमे-राज मंसूर ने यूं 
खिंचे दार पर पर राज़दां कैसे- कैसे 

पुकारे वे नामा वराने ज़माना 
मिटे नामियों के निशां कैसे-कैसे 

वतन के दुलारे तड़पकर पुकारे 
वतन के भी हैं पासबां कैसे-कैसे 

किसन सिंह ने कहके सबको रुलाया 
दिए दाग़ ऐ आसमां कैसे-कैसे 

कहा रो के भारत ने, छीने गए हैं 
मेरे लाल, मेरे जवां कैसे-कैसे 

पुकारा भगत सिंह के लाशे पै हशरत 
मिटे अहले हिंदोस्तां कैसे-कैसे 
6 वर्ष पहले
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