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इंडिया आर्ट फेस्टिवल: एक साथ साढ़े चार हजार कलाकृतियों का बेहतरीन संगम

अतुल सिन्हा

Halchal
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                                                  आपने तमाम आर्ट गैलरी में कई बेहतरीन कलाकारों की प्रदर्शनियां देखी होंगी, लेकिन एक साथ 25 आर्ट गैलरी और करीब 450 सौ कलाकारों की 4500 पेंटिंग्स और मूर्तिशिल्प देखने का मौका शायद ही आपको मिला हो। इंडिया आर्ट फेस्टिवल ने अपने सातवें संस्करण तक आते आते इतने कलाकारों को एक साथ जुटाने का ऐतिहासिक काम किया है। कला का यह उत्सव आप दिल्ली के कंस्टीट्यूशन क्लब में चार दिनों तक देख सकते हैं – 13 से 16 अक्तूबर तक। कला के इस मेले में आपको कलाकार भी मिलेंगे, गैलरी को जानने समझने का मौका भी मिलेगा और देश के अलग अलग हिस्सों के कई नामी और कई उभरते हुए कलाकारों का शानदार काम भी दिखेगा।

इस बार इंडिया आर्ट फेस्टिवल में दिल्ली की आर्टेशियस, मुंबई की आर्टविस्टा, रिद्म आर्ट गैलरी, पेस्टल टेल्स, रबी आर्ट गैलरी, द क्यूरेटर आर्ट, गैलरी पायोनियर, उदयपुर के बिऑन्ड स्क्वायर जैसी तमाम गैलरी के स्टॉल्स में कई जाने माने कलाकारों और युवा कलाकारों का काम देखने को मिल जाएगा। इन गैलरी में कलाकारों के काम को कुछ इस तरह से संरक्षित और प्रदर्शित किया जाता है जो कलाप्रेमियों को बरबस ही अपने पास खींच लाता है।

इंडिया आर्ट फेस्टिवल के संस्थापक और प्रबंध निदेशक राजेन्द्र पाटील हमेशा मानते हैं कि कलाकारों को जो सम्मान और जगह मिलनी चाहिए, उसके लिए उनका मंच धीरे धीरे एक बड़ा फलक बन जाएगा और देश भर में इसका विस्तार किया जाएगा जाति कला जन जन तक पहुंचे। पाटील के मुताबिक उनका मकसद फेस्टिवल और गैलरी में प्रदर्शित की जाने वाली कलाकृतियों की क्वालिटी को लगातार बेहतर बनाना और आम आदमी के करीब पहुंचाना है।
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बड़े नामों के साथ साथ उनका मुख्य जोर उन कलाकारों पर होता है जो स्वतंत्र रूप से काम करते हैं, किसी संस्था से नहीं जुड़े हैं या जिन्हें बेहतर जगह या मंच नहीं मिल पाता। इंजिया आर्ट फेस्टिवल को एक ऐसे प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया गया है जहां कला के पारखी आएं और इन कलाकृतियों, पेंटिग्स, मूर्तिशिल्प को उचित सम्मान मिले, और इनकी बेहतर तरीके से मार्केटिंग भी हो सके। अब तक के अनुभवों के मुताबिक इसके सभी छह संस्करण काफी कामयाब रहे हैं और निरंतर कलाकारों का ये बड़ा मंच बन गया है। कला के खरीदारों की संख्या भी यहां बढ़ रही है और कलाकारों को उनके काम की बेहतर कीमत मिल रही है।

इस बार के संस्करण में प्रदर्शित  मनु पारेख, अशोक भौमिक, निशांत डांगे, तनीशा बख्शी, निलेश और नितिन शर्मा, सुधा आदर्श, रूप चंद जैसे कुछ कलाकारों की चुनी हुई कलाकृतियां आपके लिए....
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