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वीडियो कविता : नागार्जुन- कई दिनों तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास

                
                                                         
                            बाबा नागार्जुन हिन्दी काव्य जगत के एेसे  सितारे थे, जिन्होंने फ़क़ीरी और बेबाक़ी से अपनी अनोखी पहचान बनाई। कबीर की पीढ़ी के महान कवि नागार्जुन की यह कविता 'अकाल'  से उपजी हुई स्थितियों पर आधारित है।
                                                                
                
                
                 
                                
                                                
8 वर्ष पहले

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