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जौहर रहमानी: हर ग़म को भूल जाओ दिवाली की रात है

jauhar rehmani famous nazm on diwali har gham ko bhoool jao diwali ki raat hai
                
                                                         
                            

हर ग़म को भूल जाओ दिवाली की रात है
आओ दिए जलाओ दिवाली की रात है

हर दीप दे रहा है नई सुब्ह का पयाम
अब तुम भी मुस्कुराओ दिवाली की रात है

मैं ने भी कुछ चराग़-ए-मोहब्बत जलाए हैं
बच्चो क़रीब आओ दिवाली की रात है

छोटे बड़ों का भेद न रक्खो दिलों में आज
सब को क़रीब लाओ दिवाली की रात है

हँसता है ये दिवाली का इक इक चराग़ आज
होंटों पे गुल खिलाओ मिठाई उड़ाओ मौज

और फुलझड़ी छुड़ाओ दिवाली की रात है 
 

एक दिन पहले

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