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इरशाद

फ़िल्मी गीत गाते-गाते यूँ कवि बन गए सोम ठाकुर

काव्य डेस्क, नई दिल्ली

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आगरा में जन्मे सोम ठाकुर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई घर पर ही की क्योंकि इनके माता पिता इन्हें घर से निकलने नहीं देते थे।

सोम ठाकुर पांच मृत संतानों के बाद पैदा हुए थे इसलिए इनके माता पिता इन्हें लेकर कुछ ज़्दाया सजग थे।

शुरुआती दौर में सोम ठाकुर सिर्फ़ फिल्मी गाने गाते थे वो भी शौक में क्योंकि इनका गला अच्छा था।

अमेरिका जाने से पहले ये कनाडा गए फिर केंद्र सरकार की तरफ से हिंदी के प्रसार के लिए मॉरिशस गए फिर अमेरिका चले गए।

साल 2003 में इन्हें यश भारती सम्मान और साल 2009 में दुष्यंत कुमार अलंकरण से सम्मानित किया गया। 
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