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वीडियो कविता : ख़ुमार बाराबंकवी- अकेले हैं वो और झुंझला रहे हैं

                
                                                         
                            ख़ुमार साहब महान शायर और गीतकार मजरूह सुलतानपुरी आपके अज़ीज़ दोस्त थे। आपका अंदाजे बयां भी औरों से अलग था जो इनकी ख़ूबसूरत ग़ज़लों में और भी चार-चाँद लगाता था।
                                                                
                
                
                 
                                
                                                
8 वर्ष पहले

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