{"_id":"67c7ed5f77215867ba0b23a4","slug":"chakravyuh-play-at-indiemoons-arts-festival-2025-in-bhopal-2025-03-05","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"'\u091a\u0915\u094d\u0930\u0935\u094d\u092f\u0942\u0939' \u0915\u0947 \u092e\u0902\u091a\u0928 \u0915\u0947 \u0938\u093e\u0925 \u092d\u094b\u092a\u093e\u0932 \u092e\u0947\u0902 \u0907\u0902\u0921\u0940\u092e\u0942\u0928\u094d\u0938 \u0928\u093e\u091f\u094d\u092f \u0938\u092e\u093e\u0930\u094b\u0939 \u0936\u0941\u0930\u0942","category":{"title":"Halchal","title_hn":"\u0939\u0932\u091a\u0932","slug":"halchal"}}
'चक्रव्यूह' के मंचन के साथ भोपाल में इंडीमून्स नाट्य समारोह शुरू
श्रीकृष्ण
- फोटो : शकील खान
महाभारत के योद्धाओं का जि़क्र 'अभिमन्यु' और 'चक्रव्यूह' के बिना अधूरा है। अभिमन्यु ने चक्रव्यूह भेदने की कला कहां से सीखी? लोकप्रिय दंतकथाओं के अनुसार अभिमन्यु उस समय अपनी मां सुभद्रा की कोख में था। वह इतना बुद्धिमान था कि मां की कोख में रहते हुए ही चक्रव्यूह में प्रवेश करने की कला सीख ली थी। हालांकि उस समय सुभद्रा अर्जुन की बातें सुनते-सुनते सो गई थी। इसलिए अभिमन्यु को चक्रव्यूह में प्रवेश करना तो पता चल गया था लेकिन उसे यह नहीं पता था कि इससे बाहर कैसे निकलना है। सवाल यह भी है श्रीकृष्ण ने आखिर क्यों अभिमन्यु को नहीं बचाया? जबकि वे जानते थे कि उसकी जिंदगी महाभारत के युद्ध के तेरहवें दिन समाप्त हो जाएगी। यह एक लंबी और अलग कथा है लेकिन संक्षेप में ये है कि श्रीकृष्ण को पता था कि अभिमन्यु की मृत्यु 16वें साल में हो जाएगी।
कहानी रोचक है, लेकिन रोचक होना अपनी जगह है कहानी ऐसी है जिसे हर कोई जानता है, बच्चे-बच्चे को पता है। जब सबको पता है तो कोई सुनेगा क्यों, देखेगा तो बिलकुल भी नहीं। यानि चुनौती से भरपूर है ये काम। ऐसे कथानक को कहने का नया अंदाज ही दर्शकों को डेढ़ घंटे से अधिक समय तक हॉल में बैठा सकता है। कहने में हर्ज नहीं है कि निर्देशक अतुल सत्य कौशिक अपने 'अंदाज' से दर्शकों को लुभाने में सफल रहे।
अगली स्लाइड देखें
कमेंट
कमेंट X