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'चक्रव्यूह' के मंचन के साथ भोपाल में इंडीमून्स नाट्य समारोह शुरू
'महाभारत के तेरहवें दिन की युद्ध गाथा'
- फोटो : शकील खान
महाभारत के युद्ध के तेरहवें दिन की युद्ध गाथा को सुनना ही रोमांच पैदा करता है। इस रोमांच को अपने चरम पर देखने का मौका देता है 'चक्रव्यूह'। संगीत, लाइट और कलाकारों के सजीव अभिनय से सजी यह प्रस्तुति अपने कमाल के युद्ध दृश्यों के चलते यादगार की प्रस्तुति के रूप में सामने आती है। तुकांत छंदों में लिखा गया नाटक अपने रोचक और सजीव एक्शन दृश्यों के कारण भी दर्शकों को अपने मोहपाश में बांधे रखने में सफल होता है। नाटक न सिर्फ युद्ध कला के रूपों को ही प्रदर्शित करता है अपितु इसके पीछे छिपे गहन जीवन दर्शन को भी प्रभावी रूप में सामने लाता है। कर्म, धर्म, निष्ठा, और माता-पिता के प्रति उत्तरदायित्व जैसे संदेशों के माध्यम से।
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