बानू मुश्ताक
- फोटो : पीटीआई
12 कहानियों का संग्रह है 'हार्ट लैंप'
भारत की कन्नड़ भाषा की लेखिका बानू मुश्ताक को साल 2025 का बुकर सम्मान मिला है। यह पहली बार है जब कन्नड़ भाषा की किताब को यह सम्मान मिला है। बानू मुश्ताक ने यह इतिहास अपनी कहानियों की किताब 'हार्ट लैंप' के लिए रचा है। दीपा भष्ठी ने किताब को अंग्रेजी में अनूदित किया था। बीते मंगलवार 20 मई को रात टेट मॉडर्न में हुए एक समारोह में अपनी अनुवादक दीपा भष्ठी के साथ बानू ने पुरस्कार प्राप्त किया। 12 कहानियों का संग्रह हार्ट लैंप दक्षिण भारत की पितृसत्तात्मकता की व्यथा है। इन कहानियों के दीपा भष्ठी ने 2022 से अनूदित करना शुरु किया था। किताब में 1990 से लेकर 2023 तक की लिखी कहानियों का संग्रह है। कुल मिलाकर यह किताब 30 साल के अधिक समय में लिखी गई है।
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