बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक
- फोटो : पीटीआई
बुकर पुरस्कार विजेता बानू मुश्ताक ने बुधवार को कहा कि उन्हें 500 फीसदी विश्वास था कि वह पुरस्कार जीतेंगी। बानू ने बताया कि उन्होंने पुरस्कार समारोह से तीन दिन पहले ही अपना भाषण लिख लिया था। मुश्ताक बंगलूरू में कर्नाटक यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोल रही थीं।
गृह राज्य कर्नाटक में सम्मान से अभिभूत हुईं बानू ने कहा कि शुरू में मैंने पुरस्कार के बारे में ज्यादा नहीं सोचा था। जब मेरा नाम सूची में आया और सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं देखीं, तब मुझे एहसास हुआ कि बुकर पुरस्कार कितना खास है। उन्होंने कहा कि उस रात जब मेरा परिवार सो रहा था, तब मैंने बैठकर भाषण लिखा, जिसे मैंने पुरस्कार जीतने के बाद दिया। बानू ने बताया कि उन्होंने तब से हर दिन भाषण का अभ्यास किया और खुद को बुकर पुरस्कार पकड़े हुए कल्पना की।
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