अब हमारा साथ जीवनभर निभाना है तुम्हें
प्रीत का साया बनोगी, हाँ यही वादा करो
प्रेम की काया बनोगी, हाँ यही वादा करो
जब हमारा तन दुखों की धूप में ले सिसकियाँ
सिर्फ़ तुम छाया बनोगी, हाँ यही वादा करो
प्रेम का, सद्भावना का, पुल बनाना है तुम्हें ।
प्यार की अठखेलियों से, मुँह कभी मत मोड़ना
जो क़सम खाई मिलन की, वो कभी मत तोड़ना
घोर तम की यामिनी यदि राह में घेरे कभी
छोड़ दे दुनिया हमारा साथ, तुम मत छोड़ना
भाल पर सम्मान का कुंकुम लगाना है तुम्हें ।
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