उस की याद आई है साँसों ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
- राहत इंदौरी
आते आते मिरा नाम सा रह गया
उस के होंटों पे कुछ काँपता रह गया
- वसीम बरेलवी
आगे पढ़ें
कमेंट
कमेंट X