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आज का शब्द: निस्वन और सुमित्रानंदन पंत की कविता 'पुण्य प्रसू'

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हिंदी हैं हम शब्द-शृंखला में आज का शब्द है - निस्वन जिसका अर्थ है शब्द; ध्वनि; आवाज़। कवि सुमितत्रानंदन पंत ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

ताक रहे हो गगन?
मृत्य-नीलिमा-गहन गगन?
अनिमेष, अचितवन, काल-नयन-
निस्पंद, शून्य, निर्जन, निस्वन!

देखो भू को!
जीव प्रसू को!
हरित भरित
पल्लवित मर्मरित
कूजित गुंजित
कुसुमित
भू को!

कोमल
चंचल
शाद्वल
अंचल,
कल-कल
छल-छल
चल-जल-निर्मल,

कुसुम खचित
मारुत सुरभित
खग कुल कूजित
प्रिय पशु मुखरित-
जिस पर अंकित

सुर मुनि वंदित
मानव पद तल!

देखो भू को
स्वर्गिक भू को,
मानव पुण्य प्रसू को!

8 घंटे पहले

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