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आज का शब्द: नवांकुर और कविता भट्ट की कविता- स्पर्श तुम्हारा अधर पर!

हिंदी हैं हम
                
                                                         
                            नवांकुर का अर्थ है- नया अंकुर या कल्ला। अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' शब्द श्रृंखला में आज का शब्द है- नवांकुर। प्रस्तुत है कविता भट्ट की कविता- संग तुम्हारा, स्पर्श तुम्हारा अधर पर !
                                                                 
                            

तुम्हारी स्मृतियों का आलम्बन लिए,
गर्वित हो चलती हूँ जीवन पथ पर
तुम ही तो हो-जिसने चुन डाले,
अपनी पलकों से मेरी राहों के कंकर
निज स्वार्थ से विमुख विलग है !

आलंबन में लिए- तृष्णा मिटाते निर्झर
तुम ही तो हो जो बिना शर्त के
पोषित करते हो स्वप्नों के #नवांकुर
शिथिल कभी गतिशील कभी
प्रफुल्ल कभी उन्माद के कभी स्वर
मधुमास के आते ही जैसे-
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4 वर्ष पहले

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