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आज का शब्द: महामाया और सूर्यकांत त्रिपाठी "निराला" की कविता- रमण मन के मान के तन

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- महामाया, जिसका अर्थ है- प्रकृति, दुर्गा। प्रस्तुत है सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता- रमण मन के मान के तन
                                                                 
                            

रमण मन के, मान के तन!
तुम्हीं जग के जीव-जीवन!

तुम्हीं में है महामाया,
जुड़ी छुटकर विश्वकाया;
कल्पतरु की कनक-छाया
तुम्हारे आनन्द-कानन।

तुम्हारी स्वर्सरित बहकर
हर रही है ताप दुस्तर;
तुम्हारे उर हैं अमर-मर,
दिवाकर, शशि, तारकागण।

तुम्हीं से ऋतु घूमती है,
नये कलि-दल चूमती है,
नये आसव झूमती है,
नये गीतों, नये नर्तन!

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7 महीने पहले

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