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आज का शब्द: हिमाद्रि और गोपालप्रसाद व्यास की कविता- नमामि मातु भारती !

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- हिमाद्रि, जिसका अर्थ है- हिमालय। प्रस्तुत है गोपालप्रसाद व्यास की कविता- नमामि मातु भारती !
                                                                 
                            

नमामि मातु भारती !
हिमाद्रि-तुंग, श्रींगिनी
त्रिरंग- अंश- रंगिनी
नमामि मातु भारती
सहस्र दीप आरती !

समुद्र- पाद- पल्लवे
विराट विश्व –वल्लभे
प्रबुद्ध बुद्ध की धरा
प्रणम्य हे वसुंधरा !

स्वराज्य – स्वावलंबिनी
सदैव सत्य – संगिनी
अजेय ,श्रेय - मंडिता
समाज-शास्त्र-पण्डिता !

अशोक -चक्र –संयुते
समुज्ज्वले समुन्नते
मनोग्य मुक्ति –मंत्रिणी
विशाल लोकतंत्रिनी !

अपार शस्य – सम्पदे
अजस्र श्री पड़े-पड़े
शुभन्करे - प्रियंवदे
दया - क्षमा वंशवदे !

मनस्विनी – तपस्विनी
रणस्थली – यशस्विनी
कराल- काल- कलिका
प्रचंड मुंड- मालिका .

अमोघ शक्ति – धारिणी
कुराज कष्ट – वारिणी
अदैन्य मंत्र – दायिका
नमामि राष्ट्र – नायिका !

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4 महीने पहले

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