'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- भूधर, जिसका अर्थ है- पहाड़, पर्वत। प्रस्तुत है रमेश रंजक की कविता- पर्वत पर चढ़ कर
पर्वत पर चढ़कर
इतराने वाले भी कहते हैं
पर्वत चुप रहते हैं ।
कोई सड़क, सुरंग बनाए
कोई पूजे या गरियाए
लेकिन पौरुष का प्रस्तावन
क्षुद्र प्रहारक जान न पाए
ऐसे दुख-सुख सहज भाव से
पर्वत ही सहते हैं...
पर्वत चुप रहते हैं ।
रीझे गगन-गन्ध के ऊपर
इसीलिए कहलाए भूधर
बादल का दल, गल जाता है
जिसके रजत शिखर को छूकर
अपनी ऊँचाई से ऊँचे
सत्यमेव जयते हैं...
पर्वत चुप रहते हैं ।
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