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                                                                           हाँ, मैं अवारा हूँ, जो लोगों से उलझता हूँ,
झूठी रवायतों के आगे कभी नहीं झुकता हूँ।
महफ़िल में बैठकर भी तन्हा-सा दिखता हूँ,
जो दिल में होता है, वही बेबाक लिखता हूँ।

मेरी ख़ता बस इतनी—मैं सच का गवाह हूँ,
झूठे...और पढ़ें
14 hours ago
                                                                           उनकी तवज्जो न मिली दिल को,
बस अफ़साने बनते गए
राहों में बिछाया दिल पर
सिर्फ बहाने मिलते गए
करम उनके हम सिर्फ
हिसाब में गिनते रहे
और ज़ुल्म हम उनके
मुसलसल दफ़्न करते गए
तहरीर हमारी गोया एक
...और पढ़ें
14 hours ago
                                                                           जी तो रहा हूं ज़िंदगी पर ज़िंदगी अब कहाँ।।
कितना अरसा हो गया तू कहाँ मैं अब कहाँँ।।
कितने दिन गुज़र गए हमें यहाँ रूबरू हुए,,
ख़्वाबों का खस्ताहाल है आराम अब कहाँ।।
उम्मीद आख़िरी है और शम्मा भी आख़िरी,,
क्या जाने कब ब...और पढ़ें
15 hours ago
                                                                           भरोसा मेरे लिए सबसे बड़ी दौलत रही।
मोहब्बत 'उपदेश' उसी के बदौलत रही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
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15 hours ago
                                                                           तुम समझदार हो, मैं थोड़ी ना समझ ही सही,
तुम्हारा प्यार मुझसे ज़्यादा है, मेरा थोड़ा कम ही सही,
तुम करते हो मुझसे भी ज़्यादा इंतज़ार मेरा, मैं थोड़ा कम ही सही,
प्यार मोहब्बत में वक्त लगता है मेरी जान, क्या तुम थोड़ा ही सही सब्र कर...और पढ़ें
16 hours ago
                                                                           अधूरा होकर भी चाँद कितना बेमिसाल लगता है,
साथ में एक सितारा हो, तो मंज़र कमाल लगता है।

हर शख़्स मुकम्मल हो, ये ज़रूरी तो नहीं,
कुछ अधूरापन भी तो दिल को बेमिसाल लगता है।

तेरे साथ होने से ख़ामोशी भी बोल उठती...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           तुझको देखा जो हमने, तो ज़माना ही जी लिया।
दिल बोलता रहा पर ,होठों को सी लिया।।

शराब तो झूठ का पानी ही रह गई।
वो कातिलाना था, जो तेरी आंखों से पी लिया।।

रिश्ते- नाते - यार -दोस्त,पीछे ही रह गए।
हमने त...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           तुम्हारा दिल जो कभी
‎फिर किसी पे आए,
‎मैं वो शख़्स हूं जो
‎इसे कभी तोड़ कर नहीं जाऊंगा।
‎मैं तुमसे तुम्हारा
‎गुज़रा हुआ कल नहीं पूछूंगा,
‎तुम्हारे ज़ख़्मों की तारीख़ नहीं पूछूंगा,
‎जो दर्द तुमने चुप रह...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           पत्थर से शीशा टकराकर, ख्वाब सारे चूर हुए,
शेर-ओ-शायरी से भर दी डायरी,जबसे उनसे दूर हुए
ज़ख्म इतने गहरे मिले कि ज़ख्म सारे नासूर हुए,
दर्द लेकर उनसे, उनकी मोहब्बत में मशहूर हुए।

फरियादी हूँ, सत्यवादी हूँ,
सत्...और पढ़ें
17 hours ago
                                                                           मिल भी जाते हैं तो कतरा के निकल जाते हैं
हाए मौसम की तरह दोस्त बदल जाते हैं

हम अभी तक हैं गिरफ़्तार-ए-मोहब्बत यारो
ठोकरें खा के सुना था कि सँभल जाते हैं

वो कभी अपनी जफ़ा पर न हुआ शर्मिंदा
हम समझते रह...और पढ़ें
18 hours ago
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