कल की फिक्र में
आज को क्यों खोना
जब आज कुछ
अच्छा कर ही सकते हैं
तो अतीत के ख्यालों में
डूबकर क्यों रोना
ये कीमती वक्त है
सोना से भी अनमोल
इसे खो कर बाद में
फिर मायूस क्यों होना...और पढ़ें
जीवन पथ पर बढ़ते रहो
प्रेरणादायक कविता
जीवन पथ पर बढ़ते रहो,
साहस को अपना मित्र बनाओ।
सत्य और सदाचार की ज्योति से,
हर अंधकार को दूर भगाओ।
परिश्रम की पावन गंगा में,
अपने सपनों को नित्य ब...और पढ़ें
खिलते हैं रोज सुमन
बहते हैं रोज पवन
निकलते हैं रोज सूर्य भगवान
हम क्यों करें आराम
हमें भी अपने हिस्से के
कर्तव्य निभाने होंगे
आलस्य से दूरी बनानी होगी
हिम्मत,हौसलों को अपनाने होंगे
...और पढ़ें
वर्तिका नंदा की लिखी पुस्तक 'ज से जेल का विमोचन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA)किया गया। यह पुस्तक प्रभात प्रकाशन ने छापी गयी है। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भारत के सुप्रीम कोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति संदीप मेहता थे। कार्यक्रम की अध...और पढ़ें
समीक्षक - प्रत्युष प्रशांत
मैं दीवारों पर खिड़कियां लिख रही हूं (कविता संग्रह) - अनामिका अनु
वाणी प्रकाशन, पहला संस्करण 2026
विनोद कुमार शुक्ल के चर्चित उपन्यास 'दीवार में एक खिड़की रहती थी' से बिल्कुल अल...और पढ़ें
मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीड़ित व्यक्ति के लिए आहार-योजना पर आधारित प्रेरणादायक कविता—
सुबह सवेरे उठते ही, जल गुनगुना पिया करें,
मधुमेह से मुक्ति के लिए, तन का शोधन किया करें।
चीनी वाली चाय छोड़कर, ग्रीन टी को अप...और पढ़ें
गर हो हौसला और दृढ़ निश्चय
पत्थर भी टूटेंगे
मजबूत इरादों के आगे
सब झुकेंगे
इरादें सच्चे और नेक हों तो
मुश्किलों की इतनी औकात कहां
पथरीली राह पर चलकर ही
मनुष्य अपनी मंजिल को छूते हैं
बाधाएं कितनी...और पढ़ें
है डगर मुश्किल तो
चलना शुरू क्यों किया
राह में रुक जाना था तो
आगे पांव क्यों किया
मुश्किलों से डर कर
जो रुक जाए
वो इंसान नहीं होता
बिना मेहनत के
सपने साकार नहीं होते
दो-दो कदम आगे
...और पढ़ें
द डेंजर टू बी सेनः क्रिएटिविटी एंड द एसेंट्रिक माइंड
लेखिका : रोजा मोंटेरो
प्रकाशक : यूरोपा कंपास
महान लोग थोड़े सनकी क्यों होते हैं
इसी महीने प्रकाशित इस किताब में फ्रांज काफ्का, वर्जीनिया वुल्फ व मार्सेल...और पढ़ें
उठो जागो
आगे बढ़ो
हिम्मत करो
बीती बातें
भुला दो
हौसला से
मुरझाया फूल
खिला दो
क्योंकि,
अंत....
तब तक
नहीं होता
जब तक
अंत.....
नहीं होता।।
और पढ़ें