कल की फिक्र में
आज को क्यों खोना
जब आज कुछ
अच्छा कर ही सकते हैं
तो अतीत के ख्यालों में
डूबकर क्यों रोना
ये कीमती वक्त है
सोना से भी अनमोल
इसे खो कर बाद में
फिर मायूस क्यों होना
हीरे मोती से भी
कीमती इस वक्त को
सांसों से भी कीमती
धरोहर मान लेते हैं
हर हाल में मुस्कुराते हुए
समस्याओं को सुलझाते हुए
खुशी से जीने का ठान लेते हैं
जिंदगी को खूबसूरत नाम देते हैं
कैसी भी परिस्थिति हो
चेहरे ना कभी दुखी हो
हँसने-हँसाने की
आदत डाल लेते हैं
कल की चिंता छोड़कर
आज को खुशी से जी लेते हैं
खुद को खूबसूरत खुशहाल
दिन का तोहफ़ा देते हैं
आज से खुश रहने का और
सबको खुशी देने का संकल्प लेते हैं
खुशी से खुशियां बिखेरते हुए
समय को अनमोल संपति मान
समय का सदुपयोग कर
एक-एक क्षण को
उत्सव की तरह जी लेते हैं
हां आज खुद से वादा करते हैं
समय को सर्वस्व धन मान
बीती बातों को भूल जाते हैं
सोचते रहने में बहुत घाटे हैं
खुद को एहसास दिलाते है कि
जिंदगी की तमाम खुशी
मेहनत करने वालों के
हिस्से में ही आते हैं
इसलिए कर्म को पूजा मान
कर्तव्य में संलग्न हो जाते हैं
निडरता निर्भीकता से
आगे ही आगे बढ़ते रहते हैं
मन का तमस मिटाकर
खुशी का दीप जलाते हैं
आज से अभी से
आज में जीते हैं
सुंदर-सुंदर सपने संजोते हैं
जिंदगी को हसीन
खूबसूरत सौगात मान
खुशियों से भर जाते हैं
मुस्कान चेहरे पर सजाते हैं
कलियों की तरह मुस्कुराते हैं
भंवरों की तरह गुनगुनाते हैं
जिंदगी को फूलों की तरह महकाते हैं
एक खुशहाल दुनिया बनाते हैं
प्रेम से रहना सीखते और सिखाते हैं
अल्फाजों में मिठास
सरलता शालीनता को घोल
प्रीत के रंग में हम सभी रंग जाते हैं
जिंदगी को खूबसूरत नाम देते हैं
खुद के लिए और दूसरों के लिए
प्रेरणा बन जाते हैं वर्तमान से
प्रेम कर आज में ही सारी
खुशियां ढूंढ लेते हैं जिंदगी को
जुनून और उत्साह उमंग से जीते हैं
प्रेम का उपहार सभी को देते हैं
प्रेम का उपहार सभी से लेते हैं
अपना हो या पराया सबके
जीवन को रंगीन और
खूबसूरत बनाते हैं
आज को अपनाते हैं
बीती बातों को भूल जाते हैं
जिंदगी को खुशी-खुशी जीते हैं।।
-ममता तिवारी
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