आप अपनी कविता सिर्फ अमर उजाला एप के माध्यम से ही भेज सकते हैं

बेहतर अनुभव के लिए एप का उपयोग करें

विज्ञापन

मानव और मनुष्यता की सेवा ही सृजन का उद्देश्य

ईवो आण्ड्रिच
                
                                                         
                            अतीत और वर्तमान की काल्पनिक सीमा रेखा से परे लेखक अब भी मानव स्थितियों के साथ आंख से आंख मिलाता है, जिन्हें वह अच्छी तरह से देख और समझ सकने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनके साथ वह अपनी पहचान बनाता है, जो उसकी सांसों को ताकत और खून को गर्मी देती है, जिन्हें वह अपने पाठकों के लिए कहानी की जीवंत संरचना में बदलने की कोशिश करता है। इस तरह से परिणाम जितना संभव हो, उतना सुंदर और प्रेरक हो सकता है। सवाल यह है कि कोई लेखक कैसे और किन साधनों से इस उद्देश्य तक पहुंच सकता है। किसी को यह उनकी कल्पना से मुफ्त में मिलता है, तो किसी को इतिहास और सामाजिक विकास द्वारा उपलब्ध निर्देशों के लंबे अध्ययन से हासिल होता है। इस उद्देश्य तक पहुंचने के लिए उपन्यासकार के पास हजारों तरीके और साधन हैं, लेकिन सबसे निर्णायक चीज उसका अपना काम है।
                                                                
                
                
                 
                                    
                     
                                             
                                                
                                                                
                                        
                        आगे पढ़ें
                        

हर लेखक कहानी को अपनी आंतरिक जरूरत के हिसाब से रचता है...

7 वर्ष पहले

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
विज्ञापन
X
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही

अब मिलेगी लेटेस्ट, ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग न्यूज
आपके व्हाट्सएप पर