जब मैं हार्वर्ड में पढ़ाने के लिए आया, तो प्रोफेसरों के संपर्क में रहने
के लिए काफी उत्सुक था। अपने घर आयरलैंड में प्रोफेसरों से बचने की आदत थी,
जबकि हार्वर्ड में प्रोफेसरों द्वारा प्रदान की जाने वाली हर चीज का लाभ
उठाने की इच्छा थी। हार्वर्ड में अध्यापन ने मेरी ऊर्जा क्षमता को प्रभावित
किया। पहले मेरा मानना था कि कविता एक कृपा के रूप में आती है और जब उसे
आना होता है, तो वह मजबूर कर देती है। तथ्य यह है कि मेरे जीवन में सबसे
चमत्कारी और अविश्वसनीय चीज कविता का आना ही था-एक पेशा और प्रतिष्ठा के
लिहाज से। अपने करियर की शुरुआत मैंने एक स्कूल शिक्षक के रूप में की थी।
मैंने क्विंस यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में अच्छी डिग्री पाई थी और मुझे
लगता था कि साहित्य में मेरे लिए कुछ संभावना है, लेकिन मुझमें वास्तव में
उतना आत्मविश्वास नहीं था। 1962 के नवंबर से मैं पूरी उम्मीद के साथ
ईमानदारीपूर्वक लिखने लगा।
जब मैं अंतरस्नातक की पढ़ाई कर रहा था, उसी दौरान इंग्लिश सोसाइटी मैगजीन में मेरी
कविताएं छपने लगीं। मैं एक ऐसे समूह का हिस्सा था, जिनके सदस्य आगे चलकर कवि,
लेखक और नाटककार बने। लेकिन मुझे चयन, उद्देश्य और महत्वाकांक्षा की कोई समझ नहीं थी।
उसी दौर में मैंने कई कविताएं लिखीं और उसे बेलफास्ट टेलीग्राफ में भेज दिया, उसने मेरी कविताओं
को प्रकाशित किया।
यह मेरे लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि उस अखबार में मैं किसी को जानता नहीं था।
इसका अर्थ था कि मेरी कविताएं वास्तव में प्रकाशित होने के योग्य थीं। इससे मेरा उत्साह बढ़ गया।
मेरे पिता वास्तव में पुरातन दुनिया के प्राणी थे। लेकिन मेरी मां आधुनिकतावादी थीं। उनमें न्याय और
नागरिक अधिकारों की प्रबल भावना थी। मेरे माता-पिता आपस में काफी बहस करते
थे, जिसका प्रभाव भी मेरे व्यक्तित्व पर पड़ा।
-आयरलैंड के नोबेलजयी कवि
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