गणतंत्र दिवस समारोह के समापन को ‘बीटिंग द रिट्रीट’ कहा जाता है। इसे 29 जनवरी की शाम को आयोजित किया जाता है। यह न सिर्फ गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है बल्कि सेना को वापस बैरक में भेजने का आधिकारिक संदेश भी होता है। इस समारोह में देश की तीनों सेनाएं हिस्सा लेती हैं और पारंपरिक धुनों के साथ मार्चपास्ट करती हैं। यह सभी धुन सेनाओं के बैंड द्वारा बजायी जाती है और ‘अबाइड विद मी’ भी इसमें शामिल है।
क्यूं है फिर चर्चा में
अबाइड विद मी एक ईसाई भजन है जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को काफी पसंद था, जिसे 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट समारोह से हटा दिया गया है। भारतीय सेना द्वारा शनिवार को जारी एक ब्रोशर से यह जानकारी सामने आई है। 1847 में स्कॉटिश एंग्लिकन कवि और भजन विज्ञानी हेनरी फ्रांसिस लिटे द्वारा लिखित 'एबाइड विद मी', 1950 से बीटिंग रिट्रीट समारोह का हिस्सा रहा है।
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कवि हैनरी लाइट ने लिखा है इसे
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